E-Paperhttps://gurjarnirdeshak.in/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifगुर्जर गौरवटॉप न्यूज़मध्य प्रदेश
किसान के बेटे ने कर दिखाया कमाल! खेतों की मिट्टी से निकलकर बना असिस्टेंट प्रोफेसर,
सारंग गुर्जर (चौधरी) की सक्सेस स्टोरी

MPPSC 2022 में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने तक की उनकी संघर्षपूर्ण यात्रा हर छात्र के लिए प्रेरणा है. उनकी मेहनत, निरंतरता और जज़्बे की यह कहानी आपको मोटिवेट कर देगी. पढ़ें किसान परिवार से आने वाले सारंग चौधरी की असाधारण सफलता की कहानी
सफलता कभी एक रात में नहीं मिलती, इसके पीछे वर्षों की मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास का लंबा सफर छिपा होता है. खंडवा जिले के बड़गांव गुर्जर के रहने वाले सारंग गुर्जर चौधरी इसकी जीती-जागती मिसाल हैं. किसान परिवार में जन्मे सारंग ने अपने सपनों को खेतों की मिट्टी में दबने नहीं दिया, बल्कि उसी मिट्टी से सीख लेकर अपनी पहचान बनाई. आज वे MPPSC 2022 में राजनीति विज्ञान विषय से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित हो चुके हैं. यह उपलब्धि केवल एक पद नहीं, बल्कि उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों का परिणाम है. सारंग का बचपन साधारण था. उनके पिताजी खेती करते हैं और आर्थिक स्थिति हमेशा मजबूत नहीं रही. फिर भी माता-पिता ने कभी अपने बच्चों की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी. सारंग भी बचपन से मेहनती और पढ़ाई में होशियार रहे. उन्होंने अपनी शिक्षा खंडवा के उत्कृष्ट विद्यालय (एक्सीलेंस स्कूल) से पूरी की, जहां पढ़ाई का माहौल और शिक्षकों का सहयोग उन्हें हमेशा प्रेरित करता रहा. ग्रामीण परिवेश में रहने के कारण उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. पढ़ाई की सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन सारंग ने कभी इसे कमजोरी नहीं बनने दिया. वे रोज खेतों में पिता का हाथ बंटाते और समय बचाकर पढ़ाई करते थे. यही अनुशासन और संघर्ष आगे चलकर उनकी सफलता की मजबूत नींव बना|
साल 2021 सारंग के जीवन में अहम मोड़ लेकर आया. उन्होंने एमए (पॉलिटिकल साइंस) पूरी की और उसी वर्ष NET और JRF दोनों परीक्षाएं क्वालीफाई कर लीं. यह उपलब्धि उनके भीतर एक नई ऊर्जा भर गई. इसी दौरान वे शिक्षण कार्य से भी जुड़े रहे, जिससे न सिर्फ उनका अनुभव बढ़ा बल्कि विषय की समझ भी गहरी होती चली गई.




